चेतना मंच के "कलम का प्रतिबिंब" के 'फीचर रचनाकार' बने राम मोहन गुप्त

चेतना मंच के "कलम का प्रतिबिंब" के 'फीचर रचनाकार' बने राम मोहन गुप्त

देवनन्दन श्रीवास्तव 
लखीमपुर-खीरी। लगभग सात हजार सदस्यों वाले सुप्रसिद्ध साहित्यिक मंच चेतना-"किस्से कहानियां कविताएं" द्वारा 'कलम का प्रतिबिम्ब' के अंतर्गत नगर लखीमपुर के साहित्यकार राम मोहन गुप्त 'अमर" को "फीचर रचनाकार" के रूप में चयनित कर मंच पर प्रस्तुत किया गया है।

हाल ही में चेतना मंच द्वारा चालू की गई अत्यंत ही दिलचस्प और निराली गतिविधि कलम का प्रतिबिंब के फीचर रचनाकार 'कवि' के अंतर्गत किसी एक रचनाकर का सचित्र संक्षिप्त विवरण मुख्य पटल पर प्रस्तुत करके, मंच से जुड़े सदस्यों एवं साहित्यकारों से संबद्ध रचनाकार को पढ़ने, जानने एवं  सुधी प्रतिक्रियाएं प्रस्तुत करने का आह्वान किया जाता है इसी क्रम में आज लखीमपुर उत्तर प्रदेश के राम मोहन गुप्त 'अमर को फीचर कवि के रूप में चयनित कर प्रस्तुत किया गया है।

अति प्रतिष्ठित साहित्यिक चेतना मंच पर स्वयं को फीचर रचनाकार के रूप में प्रस्तुत किए जाने से हर्षांवित राम मोहन गुप्त मंच को कृतज्ञता व्यक्त करते हुए स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानते है।इस सफलता का सम्पूर्ण श्रेय अपने परिवार, इष्ट मित्रों, शुभचिंतकों को देते हुए सदा सर्वदा मातृ भाषा हिन्दी के प्रचार प्रसार एवं साहित्यिक सृजन के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी के निर्वहन का संकल्प दोहराते हैं। राम मोहन गुप्त चेतना मंच के साझा काव्य संग्रहों यादों का कारवां, नई उमंग सहित मंच के विभिन्न आयोजनों नई भोर नए भाव, आज का शब्द, परवाज कलम की, पाक्षिक काव्य लेखन प्रतियोगिता, चेतना मंच पाठशाला आदि में सक्रिय सहभागी और दैनिक सृजनकार के रूप में सहभागी भी रहे हैं।

कलम का प्रतिबिंब में फीचर रचनाकार चुने जाने पर राम मोहन गुप्त को शुभचिंतकों, साहित्यकारों की निरंतर शुभ कामनाएं एवं बधाईयां प्राप्त हो रही हैं।

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