देशी घी के नाम पर 'खट्टा खेल'! लखीमपुर खीरी के नामी मिठाई प्रतिष्ठान का लड्डू खाकर बीमार होने का आरोप, सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा

देशी घी के नाम पर 'खट्टा खेल'! लखीमपुर खीरी के नामी मिठाई प्रतिष्ठान का लड्डू खाकर बीमार होने का आरोप, सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा


अधिवक्ता आदर्श सक्सेना ने की खाद्य सुरक्षा अधिकारी से लिखित शिकायत 

देवनन्दन श्रीवास्तव 

लखीमपुर खीरी। शहर के मुख्य बाजार में स्थित एक नामी मिठाई प्रतिष्ठान इन दिनों विवादों के घेरे में है। शुद्ध देशी घी से निर्मित मिठाइयों का दावा करने वाले इस बड़े ब्रांड पर खराब और मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने के गंभीर आरोप लगे हैं। ताज़ा मामला एक प्रतिष्ठित नागरिक द्वारा जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSDA) को दी गई लिखित शिकायत के बाद गर्मा गया है, जिसके बाद से सोशल मीडिया पर भी इस मिठाई वाले के खिलाफ ग्राहकों का पुराना गुस्सा और शिकायतें बाढ़ की तरह बाहर आ गई हैं।

क्या है पूरा मामला?

​बड़खेरवा (लखीमपुर खीरी) के निवासी आदर्श कुमार सक्सेना (अधिवक्ता) ने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सौंपे प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने 18 मई 2026 की रात लगभग 10:30 बजे मुख्य बाजार स्थित उक्त नामी दुकान से बूंदी के लड्डू खरीदे थे। अगले दिन 19 मई की सुबह जब भगवान के भोग के बाद इसे ग्रहण किया गया, तो लड्डू का स्वाद बेहद खट्टा था। अन्य लोगों को भी इसका स्वाद खराब लगा।


​शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वह 19 मई की रात करीब 9:30 बजे इसकी शिकायत लेकर दुकान पर पहुंचे, तो दुकान मालिक और उसके सहयोगियों ने जिम्मेदारी लेने के बजाय खुद लड्डू खाकर उसे ही गलत ठहरा दिया। इस दूषित लड्डू के सेवन से शिकायतकर्ता का पेट भी खराब हो गया, जिसके कारण वह तत्काल शिकायत नहीं दर्ज करा सके और 21 मई को उन्होंने लिखित कार्रवाई की मांग की।

जांच और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित करने की मांग

​शिकायतकर्ता ने विभाग से मांग की है कि उक्त प्रकरण की गंभीरता से जांच की जाए और दुकान में लगे 19 व 20 मई के सीसीटीवी फुटेज को तुरंत सुरक्षित कराया जाए, ताकि सच सामने आ सके। इसके साथ ही, दुकान के 'शुद्ध देशी घी' के दावों पर सवाल उठाते हुए घी के सैंपल को बड़ी प्रयोगशाला में भेजने और मिठाई के डिब्बे के साथ वजन तौलने की कुप्रथा को बंद कराने की भी मांग की गई है। अधिकारी स्तर पर इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

सोशल मीडिया पर फूटा आक्रोश, खुली पुरानी शिकायतों की पोल

​इस मामले के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस नामी मिठाई प्रतिष्ठान के खिलाफ लोगों का जबरदस्त विरोध शुरू हो गया है। देखते ही देखते सैकड़ों उपभोक्ताओं ने अपने पुराने कड़वे अनुभव साझा करने शुरू कर दिए हैं।

  • पुरानी और बासी मिठाई बेचने का आरोप: कई स्थानीय यूजर्स ने कमेंट कर बताया कि ब्रांड बड़ा होने के कारण यह दुकान संचालक अक्सर त्योहारों और आम दिनों में भी बासी और खराब हो चुकी मिठाइयों को नए स्टॉक में मिलाकर बेच देते हैं।
  • व्यवहार पर भी उठे सवाल: सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शिकायत लेकर जाने पर इस दुकान के स्टाफ और मालिक का रवैया बेहद अड़ियल और ग्राहकों को अपमानित करने वाला होता है।
  • ऊंची दुकान, फीका पकवान: उपभोक्ताओं का कहना है कि शुद्धता के नाम पर यह प्रतिष्ठान बेहद मोटी रकम वसूलता है, लेकिन गुणवत्ता के मामले में जनता की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा है।

​लगातार बढ़ते जन-आक्रोश को देखते हुए अब स्थानीय नागरिकों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से इस नामी प्रतिष्ठान पर बिना किसी दबाव के निष्पक्ष और सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि शहर के अन्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।

टिप्पणियाँ