विशेष पुनरीक्षण में चार दिन चलेगा मेगा अभियान, हर बूथ पर बनेगी हेल्प डेस्क
देवनन्दन श्रीवास्तव
लखीमपुर खीरी। मतदाता सूची को दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण -2026 कार्यक्रम को रफ्तार दे दी है। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम के अन्तर्गत दावे और आपत्तियां प्राप्त करने करने की अवधि 06 फरवरी 2026 तक है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर आयोग ने चार विशेष अभियान दिवस तय किए हैं। 17 और 18 जनवरी तथा 31 जनवरी और 1 फरवरी को जिले के सभी पदाभिहित स्थलों पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। इन तिथियों पर प्रत्येक मतदान केंद्र पर आवश्यक स्टाफ की तैनाती के साथ पदाभिहित अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।
विशेष अभियान के दौरान हर बूथ पर हेल्प डेस्क बनाई जाएगी, जहां मतदाताओं को फार्म भरने में मदद दी जाएगी। फार्म-6, 6ए, 7 और 8 (घोषणा-पत्र सहित) पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहेंगे। प्राप्त सभी दावे और आपत्तियों का सुव्यवस्थित अभिलेखीकरण किया जाएगा, ताकि निरीक्षण के समय तुरंत उपलब्ध कराया जा सके। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को भी अभियान की तिथियों से अवगत कराकर सहयोग लिया जाएगा।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी स्वयं पदाभिहित स्थलों का भ्रमण करेंगे। भ्रमण कार्यक्रम इस तरह बनाया जाएगा कि कोई भी बूथ छूटने न पाए। इसके तहत 18 जनवरी को सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक सभी बूथ लेवल अधिकारी अपने-अपने बूथ पर उपस्थित रहकर आलेख्य निर्वाचक नामावली का वाचन करेंगे। साथ ही बीएलओ के पास अप्राप्त (Uncollectable), अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृतक और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची भी उपलब्ध रहेगी, जिससे मतदाताओं को सही जानकारी दी जा सके।
निगरानी के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी स्वयं 5 बूथों और उप जिला निर्वाचन अधिकारी 10 बूथों का निरीक्षण करेंगे। वहीं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक अधिकारी अपने विधानसभा क्षेत्र के 10 प्रतिशत पोलिंग स्टेशनों का भ्रमण करेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने मतदाताओं से अपील की है कि वे भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in और वोटर हेल्पलाइन ऐप पर जाकर अपना या अपने परिवार के सदस्यों का नाम जांचें और जरूरत पड़ने पर निर्धारित फार्मों के माध्यम से आवेदन करें, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
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