पॉक्सो मामले में न्यायालय का फैसला, अभियुक्त को 506 आईपीसी में 3 वर्ष 8 दिन की सजा

पॉक्सो मामले में न्यायालय का फैसला, अभियुक्त को 506 आईपीसी में 3 वर्ष 8 दिन की सजा

देवनन्दन श्रीवास्तव 
लखीमपुर खीरी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट द्वितीय विष्णु देव सिंह द्वारा थाना व जिला खीरी से संबंधित मुकदमा अपराध संख्या 302/2015 में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया गया। जिसमें आरोपी को 3 साल 8 दिन की सजा सुनाई गई है। शुक्रवार को अभियोजन पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो कोर्ट) बृजेश कुमार पांडे ने यह जानकारी दी।


उन्होंने बताया कि वादिनी मुकदमा पीड़िता ने अपने बयान में बताया था कि घटना आज से लगभग 9 वर्ष पूर्व शाम करीब 7 बजे की है। वह शौच के लिए गई थी, तभी सुरेश के गन्ने के खेत के पास गांव का रहने वाला अभियुक्त जीतू मिश्रा उर्फ जितेंद्र मिश्रा पीछे से आया और उसे पकड़ लिया। पीड़िता के अनुसार अभियुक्त ने उसका मुंह दबाकर अश्लील हरकतें कीं। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़िता ने बताया कि जब वह चिल्लाई तो उसकी आवाज सुनकर उसकी मां नीतू व गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद अभियुक्त उसे छोड़कर भाग गया। महिला सिपाही द्वारा उसका बयान दर्ज किया गया था।
मामले में अभियुक्त पर धारा 354, 506 भारतीय दंड संहिता, धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट एवं धारा 3(1)10 एससी/एसटी एक्ट के तहत आरोप लगाए गए थे। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त को दोषी मानते हुए धारा 506 आईपीसी में जेल में बिताई गई अवधि कुल 3 वर्ष 8 दिन का कारावास की सजा सुनाई गई है। अभियोजन की सशक्त पैरवी के चलते पीड़ित पक्ष को न्याय मिला।

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