पसगवां: मौत को मात देकर लौटी दो साल की मासूम, टब में डूबने से थम गई थीं सांसें, डॉक्टर ने दिखाया चमत्कार

पसगवां: मौत को मात देकर लौटी दो साल की मासूम, टब में डूबने से थम गई थीं सांसें, डॉक्टर ने दिखाया चमत्कार

आशीष पांडे 
पसगवां (खीरी): कस्बे में शनिवार को एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने 'डॉक्टर को धरती का भगवान क्यों कहा जाता है' इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिया। घर के कोने में खेल रही दो वर्षीय मासूम बच्ची अचानक पानी से भरे टब में गिर गई। काफी देर तक पानी में रहने के कारण बच्ची का शरीर नीला पड़ चुका था और सांसें लगभग थम चुकी थीं, लेकिन सीएचसी के डॉक्टर की मेहनत और ऊपर वाले के आशीर्वाद ने बच्ची को नई जिंदगी दे दी।

खेल-खेल में हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कस्बे के निवासी सचिन मिश्रा की दो वर्षीय पुत्री सानिया घर के कोने में खेल रही थी। पास में ही पानी से भरा एक टब रखा हुआ था। खेलते-खेलते सानिया अचानक टब में गिर गई और औंधे मुंह पानी में डूब गई। घर के लोग अपने कामों में व्यस्त थे, जिसके चलते काफी देर तक किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी।
परिजनों के उड़े होश, जब टब में तैरती मिली बच्ची
काफी समय तक जब सानिया की आवाज नहीं सुनाई दी, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। जब परिजन टब के पास पहुंचे तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। नन्ही सानिया टब में उल्टा पड़ी हुई पानी के ऊपर तैर रही थी। आनन-फानन में उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक मासूम के पेट में काफी पानी भर चुका था और ऑक्सीजन की कमी के कारण उसके हाथ-पैर नीले पड़ गए थे।
डॉक्टर कुलदीप ने नहीं हारी हिम्मत, मिली कामयाबी
परिजनों ने बिना समय गंवाए बच्ची को लेकर पसगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की ओर दौड़ लगा दी। अस्पताल पहुंचते ही ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर कुलदीप ने स्थिति की गंभीरता को भांप लिया। बच्ची की हालत बेहद नाजुक थी और वह अचेत अवस्था में थी।
डॉक्टर कुलदीप ने बिना हार माने अथक प्रयास शुरू किए। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची के पेट से पानी बाहर निकाला और उसे प्राथमिक उपचार दिया। काफी देर तक चले जीवन और मृत्यु के संघर्ष के बाद, आखिरकार नन्ही सानिया को होश आ गया।

परिजनों ने ली राहत की सांस

जैसे ही बच्ची की आंखों में हरकत हुई और उसने रोना शुरू किया, अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। परिजनों ने डॉक्टर कुलदीप का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें 'देवदूत' बताया। फिलहाल बच्ची की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टरों ने उसे निगरानी में रखा है।

सावधानी की अपील: यह घटना उन सभी अभिभावकों के लिए एक सबक है जिनके घरों में छोटे बच्चे हैं। घर में बाल्टी या टब में भरा पानी छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। बच्चों पर हर पल नजर रखना अत्यंत आवश्यक है। क्षेत्रीय जनता की मुख्यमंत्री जी स्वास्थ्य मंत्री व जिलाधिकारी लखीमपुरखीरी से मांग है कि ऐसे अनुभवी डॉक्टर को पुरुष्कृत किया जाए।

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