ट्रांसफर के नाम पर सिपाही से मांगी थी रिश्वत, लखनऊ की टीम ने बिलोवी हॉल के पास बिछाया जाल
देवनन्दन श्रीवास्तव
लखीमपुर खीरी (05 मई)। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लखनऊ एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक घूसखोर बाबू को दबोच लिया। डीएफओ नॉर्थ कीर्ति चौधरी के कार्यालय में तैनात बाबू विक्रांत नेगी को टीम ने 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए बिलोवी हॉल के पास से रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
बीमार पत्नी का हवाला भी नहीं पसीजा बाबू का दिल
मामला मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा था, लेकिन बाबू की नीयत में खोट था। दुधवा नेशनल पार्क की स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स (STPF) में तैनात सिपाही इंदल सिंह अपनी पत्नी की खराब तबीयत के चलते परेशान थे। वे अपना तबादला दुधवा से महेशपुर रेंज में कराना चाहते थे ताकि परिवार की देखभाल कर सकें। जब उन्होंने डीएफओ कार्यालय में तैनात बाबू विक्रांत नेगी से संपर्क किया, तो नेगी ने मदद के बजाय 'सुविधा शुल्क' के रूप में 12 हजार रुपये की डिमांड कर दी।
ऐसे फंसा घूसखोर बाबू
पैसे न होने और बाबू की हठधर्मी से तंग आकर सिपाही इंदल सिंह ने लखनऊ एंटी करप्शन टीम की शरण ली। टीम ने तुरंत जाल बिछाया और मंगलवार को योजना के तहत इंदल को पैसे लेकर बिलोवी हॉल के गेट पर भेजा। जैसे ही विक्रांत नेगी ने घूस की रकम अपने हाथ में ली, पहले से ही मुस्तैद एंटी करप्शन की टीम ने उसे दबोच लिया। रंगे हाथ पकड़े जाने पर बाबू के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं।
भेजा जा रहा जेल
मूल रूप से उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी आरोपी विक्रांत नेगी वर्तमान में फॉरेस्ट कॉलोनी लखीमपुर में रह रहा था। एंटी करप्शन टीम उसे लेकर कोतवाली सदर पहुंची, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया है और उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। इस कार्रवाई से वन विभाग के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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