मानदेय न मिलने से नाराज एनएचएम संविदा कर्मचारी बांधेंगे काला फीता, 21 मई से पूर्ण कार्य बहिष्कार का ऐलान
मानदेय न मिलने से नाराज एनएचएम संविदा कर्मचारी बांधेंगे काला फीता, 21 मई से पूर्ण कार्य बहिष्कार का ऐलान
अलका आशीष
लखीमपुर खीरी: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) संविदा कर्मचारियों का मार्च और अप्रैल माह का मानदेय न मिलने के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। उ.प्र. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर अब जिला स्तर पर भी आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली गई है। इसी क्रम में आज जिला अस्पताल, जिला क्षय रोग कार्यालय सहित जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) के अंतर्गत तैनात संविदा कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यस्थल पर काला फीता बांधकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराते हुए आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
संगठन के जिला अध्यक्ष विकास श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष ठा. मयंक प्रताप सिंह व संगठन के पदाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सहित जिले में विरोध प्रदर्शन की पूरी रूपरेखा तैयार की गई है। जिला अध्यक्ष व जिला महामंत्री देवेंद्र पांडे सहित संरक्षक संजय राय ने सभी एनएचएम संविदा कर्मचारियों से संयुक्त अपील की है कि वे पूरी तरह से संगठन के दिशा-निर्देशों के तहत ही शांतिपूर्ण ढंग से कार्य करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी कर्मचारी को अपनी तरफ से कोई अलग कदम नहीं उठाना है। यह आंदोलन पूरी तरह अनुशासित होगा और सभी को यह सुनिश्चित करना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह का माहौल खराब न हो।
संगठन जिला संरक्षक संजय राय ने बताया कि कार्यक्रम के अनुसार, प्रदेश के सभी एनएचएम संविदा कर्मचारी 18, 19 व 20 मई 2026 तक अपने-अपने कार्यस्थल पर काला फीता बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इस दौरान सभी कर्मचारी निर्धारित कार्यस्थल पर समय से उपस्थित होकर अपनी हाजिरी (रजिस्टर/AMS/बायोमेट्रिक) दर्ज कराएंगे और कार्यस्थल परिसर या जिला मुख्यालय पर दरी बिछाकर संगठन के बैनर तले बैठेंगे।
यदि 20 मई तक कर्मचारियों के दो महीने के लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है, तो 21 मई 2026 से पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार प्रारंभ कर दिया जाएगा। हालांकि, जनहित को ध्यान में रखते हुए इस आंदोलन के दौरान भी समस्त इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रूप से संचालित रहेंगी। जिला अध्यक्ष ने बताया कि लगातार तीसरा महीना भी समाप्ति की ओर है और मानदेय न मिलने से कर्मचारियों व उनके आश्रित परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, जिसके चलते वे इस कदम को उठाने के लिए मजबूर हुए हैं।
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