योग से बढ़ती है शारीरिक शक्ति और मानसिक एकाग्रता: डॉ. शालू गुप्ता
– सेवा भारती के 15 दिवसीय योग शिविर का कल्याण मंत्र के साथ हुआ समापन
– छात्रावास के बच्चों ने सीखे ताड़ासन, सूर्य नमस्कार और भ्रामरी प्राणायाम के गुण
देवनन्दन श्रीवास्तव
लखीमपुर खीरी। सेवा भारती लखीमपुर खीरी के तत्वावधान में स्थानीय आवास विकास स्थित डॉ. हेडगेवार सरस्वती शिशु मंदिर (सूर्य नारायण राव नि:शुल्क छात्रावास) में चल रहे '15 दिवसीय योग शिविर' का शनिवार को प्रार्थना सभा के साथ भव्य समापन हुआ। शिविर के अंतिम दिन बच्चों को नियमित योग करने और इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सहायक प्रधानाचार्य सर्वेश बाजपेई, नेचुरोपैथी चिकित्सक व योग प्रशिक्षका डॉ. शालू गुप्ता एवं जिला महामंत्री योगेश ने माँ शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित व पुष्पार्चन कर किया।
शिविर में बच्चों को संबोधित करते हुए योग प्रशिक्षका डॉ. शालू गुप्ता ने कहा कि नियमित योग करने से शरीर में लचीलापन बढ़ता है, मानसिक तनाव कम होता है और ऊर्जा का स्तर सुधरता है। यह फेफड़ों की क्षमता बढ़ाकर बेहतर रक्त संचार सुनिश्चित करता है, जिससे संपूर्ण स्वास्थ्य और एकाग्रता में सुधार होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में ताड़ासन, सूर्य नमस्कार, जानुशीर्षासन, सिंहासन, भस्त्रिका, भ्रामरी प्राणायाम और 'ॐ' ध्वनि के उच्चारण का अभ्यास करने की सलाह दी, जो समग्र विकास के लिए बेहद प्रभावी हैं।
भविष्य में भी लगेंगे शिविर:
इस मौके पर सेवा भारती की ओर से मुख्य प्रशिक्षका डॉ. शालू गुप्ता को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। सहायक प्रधानाचार्य सर्वेश बाजपेई ने उनसे भविष्य में भी विद्यालय के छात्रों के लिए ऐसे स्वास्थ्यवर्धक शिविर आयोजित करने का अनुरोध किया, जिस पर डॉ. शालू ने अपनी सहर्ष सहमति प्रदान की।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति:
समापन सत्र के दौरान सेवा भारती अवध प्रांत के प्रांत महामंत्री रजनीश, सहायक प्रधानाचार्य सर्वेश बाजपेई, डॉ. शालू गुप्ता, योगेश सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक, शिक्षिकाएं, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सेवा भारती के ध्येय वाक्य — "हर हाथ को रोजगार, हर घर में संस्कार, हर घर में शिक्षा का उजाला" को दोहराते हुए, कार्यक्रम का विधिवत समापन पारंपरिक कल्याण मंत्र के साथ हुआ।
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