आर्थिक असमानता नही होगी बर्दाश्तः चंदन लाल वाल्मीकि

देव श्रीवास्तव


लखीमपुर खीरी। महादलित संघटनोंं का अखिल भारतीय परिसंघ के तत्त्वाधान में आर्थिक असमानता के खिलाफ लखनऊ नगर निगम में सांकेतिक एक दिवसीय धरना दिया गया।
चन्दन लाल वाल्मीकि राष्ट्रीय महासचिव महादलित परिसंघ ने धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार 2015 के शाशनादेश पर 259.04 की दर नगर निगमो नगर पालिकाओं में भुगतान कर रही है।
स्वच्छता अभियान के काम पर सरकार अरबों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन श्रम  एवं रोजगार मंत्रालय की 28 अगस्त 2017 की अधिसूचना में 24,000 रुपये निर्धारित है था। मुख्य आयुक्त श्रम एवं रोजगार मंत्रालय नई दिल्ली के 3 अगस्त 2018 के शाशनादेश में सफाई मजदूर को 553 निर्धारित है।
उत्तर प्रदेश की सरकार मजदूर को निर्धारित मज़दूरी देने में नाकाम साबित हुई है।
महादलित परिसंघ जब तक आर्थिक असमानता को बन्द नही करती तब तक आंदोलन बन्द नही होगा। यह कर्म जारी रहेगा।
प्रदेश अध्यक्ष किशोर धानुक ने कहा सीवर सफाई कर्मचारी 250 पर कार्य करने को मजबूर है, 40-50 वर्षों से जो मजदूर निवास कर रहे है उन्हें मालिकाना हक़ मिलना चाहिये।
धरने में  राज्य महादलित आयोग के गठन की मांग की, संविदा सफाई कर्मचारियों के नियमितकरण की में की गयी।

धरने का संचालन राजेंद्र धानुक ने किया। धरने में किशोर धानुक,राजेंद्र धानुक  अंकित कुमार  महेश कुमार विशाल कुमार  अनिकेत भारती जीवन लाल मुन्ना लाल श्याम किशोर बेचैन,हरी प्रसाद वाल्मीकि, किशोर कुमार धानुक शिव कुमार धानुक, आयुष्मान वाल्मीकि, सुधीर भारती शामिल रहे।



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