सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद नहीं मिल रहा समान कार्य के लिए समान वेतन
देव श्रीवास्तव
लखीमपुर खीरी । उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, संविदा कर्मचारी संघ की हड़ताल तीसरे दिने भी जारी रही। संविदा कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण सभी स्वास्थ्य सेवायें चरमारा गई है। स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम के अन्तर्गत काम कर रहे संविदा कर्मचारी इन दिनों अपनी मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। सीएमओ कार्यालय प्रांगण में चल रहे धरने को सम्बोधित करते हुये जिला महिला अस्पताल यूनिट की अध्यक्ष सुष्मिता वर्मा ने कहा कि संविदा कर्मचारियों में बड़ी तादाद में महिलाएं भी शामिल हैं। 3 दिनों से लगातार यह सभी महिलाएं पुरूष संविदा कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। जब महिला शक्ति एक है तो फिर कामायाबी मिलनी निश्चित है। इस दौरान डा. केके भार्गव ने कहा कि सरकार को ऊची आवाज सुनवाई देती है। यही कारण है कि लगातार पत्राचार के बावजूद अपने हकों के लिए आज संविदा कर्मचारी व चिकित्सक हड़ताल पर हैं। डा. सीमाब जौहल ने कहा कि ऐसी बरसात में भी महिलाएं अपने हकों को पाने के लिए संगठन के साथ खड़ी हैं। क्योकि वे सभी जानती हैं कि एक परिवार को संगठित होकर ही चलाया जा सकता है। एक संविदा कर्मचारी वह चाहे पुरूष हो या महिला, सभी सरकारी कर्मचारी के बराबर ही कार्य कर रहे हैं। उसके बावजूद वेतन में बहुत बड़ा अन्तर है।
सरकार संविदा के नाम पर कर्मचारियों का शोषण कर रही है। वहीं डा. पूनम सिंह ने कहा कि जब माननीय सर्वोच्च न्यायलय ने समान कार्य के लिए समान वेतन का आदेश पारित कर दिया है। उसके बावजूद भी सरकारें शोषण की नीति अपनाकर वेतन देने में भेदभाव कर रही है। यह हड़ताल तबतक समाप्त नहीं होगी, जबतक सरकार हमारी सभी मांगे नहीं मांग लेती। आशा सुमन दीक्षित ने कहा कि आशाओं को भी उनके कार्य के हिसाब से सरकार मानदेय नहीं दे रही है। लगातार आन्दोलन के बावजूद की जा रही अनदेखी के कारण ही आज आशायें आक्रोशित है। आशा आन्दोलन तबतक जारी रहेगा, जबतक सरकार हमारी मांगे नहीं मांग लेती। इस दौरान डा. प्रियंका, डा. अन्जली वर्मा, डा. नम्रता , डा. रजिया, डा. निधि, डा. अनिता सहित एनएचएम कर्मचारी में जूही श्रीवास्तव, आरती वर्मा, अनिता देवी, मीरा राव, नीतू, निधि, आशा संगिनी से अर्पणा वर्मा, प्रेमलता, विनिता , संगीता, रीता, राम खिलौनी, किरन, सरला, मन्जू, शैलेन्द्री, रेनू, आशा बहुओं में सुमन दीक्षित, राजेश्वरी, मनु देवी, सुनिता, शिव कुमारी, अर्चना वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में एनएचएम के अन्तर्गत तैनात कर्मचारी चिकित्सक व आशा बहुएं मौजूद रहीं।
सरकार संविदा के नाम पर कर्मचारियों का शोषण कर रही है। वहीं डा. पूनम सिंह ने कहा कि जब माननीय सर्वोच्च न्यायलय ने समान कार्य के लिए समान वेतन का आदेश पारित कर दिया है। उसके बावजूद भी सरकारें शोषण की नीति अपनाकर वेतन देने में भेदभाव कर रही है। यह हड़ताल तबतक समाप्त नहीं होगी, जबतक सरकार हमारी सभी मांगे नहीं मांग लेती। आशा सुमन दीक्षित ने कहा कि आशाओं को भी उनके कार्य के हिसाब से सरकार मानदेय नहीं दे रही है। लगातार आन्दोलन के बावजूद की जा रही अनदेखी के कारण ही आज आशायें आक्रोशित है। आशा आन्दोलन तबतक जारी रहेगा, जबतक सरकार हमारी मांगे नहीं मांग लेती। इस दौरान डा. प्रियंका, डा. अन्जली वर्मा, डा. नम्रता , डा. रजिया, डा. निधि, डा. अनिता सहित एनएचएम कर्मचारी में जूही श्रीवास्तव, आरती वर्मा, अनिता देवी, मीरा राव, नीतू, निधि, आशा संगिनी से अर्पणा वर्मा, प्रेमलता, विनिता , संगीता, रीता, राम खिलौनी, किरन, सरला, मन्जू, शैलेन्द्री, रेनू, आशा बहुओं में सुमन दीक्षित, राजेश्वरी, मनु देवी, सुनिता, शिव कुमारी, अर्चना वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में एनएचएम के अन्तर्गत तैनात कर्मचारी चिकित्सक व आशा बहुएं मौजूद रहीं।


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