संवाद कार्यक्रम में "तनाव" पर हुई चर्चा, सुरक्षा कर्मियों को किया गया आगाह

संवाद कार्यक्रम में "तनाव" पर हुई चर्चा, सुरक्षा कर्मियों को किया गया आगाह

शारदा अस्पताल व सीआईएसएफ के चिकित्सकों ने सीआईएसएफ के सुरक्षा कर्मियों को दिए तनाव से बचाव के गूर

अनिल कुमार श्रीवास्तव
ग्रेटर नोएडा। शारदा अस्पताल ग्रेटर नोएडा ने सूरजपुर स्थित केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के कार्यालय पर सम्पन्न हुए एकदिवसीय संवाद कार्यक्रम में सुरक्षा कर्मियों को तनाव से होने वाली हानियों व इसे दूर करने के उपाय बताए। इस दौरान सवाल-जवाब का भी सत्र चला जिसमे चिकित्सकों ने सबकी समस्याएं क्रमवार सुनी और निदान के उपाय बताए।
उल्लेखनीय है कि उद्योगों को सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सक्रिय सीआईएसएफ सरकारी, गैर सरकारी गोपनीय कार्यो को सुरक्षित रखना, आपदा प्रबंधन, आग प्रबंधन, बंदरगाहों हवाई अड्डो को सुरक्षा के अलावा कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा जैसे सराहनीय कार्यो में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अलावा उसकी अपनी व्यक्तिगत जिंदगी।इन सब जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करते हुए कभी न कभी तनाव हो ही जाता है और यह तनाव रोगों का कारक होता है।

लोगो की सुरक्षा कर रहे सुरक्षाकर्मियों को अनचाही बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए आज शारदा व सीआईएसएफ के चिकित्सकों ने एकदिवसीय कार्यक्रम रखा था, जो तमाम सवाल जवाबों के साथ सम्पन्न हुआ।
चिकित्सकों ने अनिंद्रा, शोर, अधिक काम, नकारात्मकता, अनियमितता, गुस्सा आदि को तनाव का कारण बताते हुए तनावग्रस्त होने पर साइक्रेटिस्ट से सलाह लेने की सलाह दी। चिकित्सकों ने तनाव होने पर नीद और आराम को रामवाण बताते हुए सुझाव दिया कि सकारात्मकता, योगा, व्यायाम, नियमितता, हँसना, खुशी, शुद्ध खानपान आदि से तनाव को दूर रखा जा सकता है।धूम्रपान, नशाखोरी से भी दूर रहने की सलाह दी गयी। इस बीच शारदा अस्पताल के मार्केटिंग विभाग से आये विवेक श्रीवास्तव ने शारदा अस्पताल द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। सवाल-जवाब सत्र में शारदा अस्पताल का प्रतिनिधित्व कर रही डॉ श्रुति शर्मा ने सुरक्षा कर्मियों की बात सुन उनके संतोषजनक उत्तर देने के साथ निदान के उपाय भी बताए।डॉ श्रुति ने तनाव के लक्षण के तौर पर बताया कि अनिंद्रा, सिर दर्द इसका प्रमुख लक्षण है। तनाव में गुस्सा भी आने लगता है।कार्यक्रम में सीआईएसएफ के डॉ बी सी यादव, डॉ मोनिका यादव, डॉ पदमा, डॉ पात्रा, शारदा अस्पताल की डॉ श्रुति शर्मा, डॉ इशिता बजाज, डॉ किरनजोत कौर, मार्केटिंग से विवेक श्रीवास्तव आदि ने अपने विचार रखे।

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