बैंक की लापरवाही और शिक्षक की होली हुई फीकी
कमलेश जायसवाल
खमरिया-खीरी। सरकार द्वारा सभी खातों को आधार कार्ड को पैन कार्ड से जोड़ने की जो मुहिम चलाई गई थी। उस मुहिम में बैंकों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। ऐसा मामला प्रकाश में आया है जिसमें खाते में आधार कार्ड और पैन कार्ड न लगा होने की जानकारी एक शिक्षक को तब मिली, जब वह होली जैसे त्यौहार को मनाने के लिए पैसे निकालने बैंक पहुंचा। इसके बाद उपभोक्ता द्वारा काफी मान मानौती के बाद भी शिक्षक को बिना पैसे मिले ही वापस जाना पड़ा।प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा खमरिया क्षेत्र में स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा में मंगलवार की सुबह से ही सर्वर डाउन राहा दोपहर बाद सर्वर आया तो एक्का- दुक्का उपभोक्ता के ही पैसे निकल पाए। एक ऐसा मामला प्रकाश में आया जिसमें न सिर्फ बैंक की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए, बल्कि सरकार के प्रयासों को भी बेकार कर दिया। हम आपको बता कि ईसानगर ब्लॉक शिक्षक संघ के मंत्री रमेश चंद्र नागर का खाता 14 वर्षों बैंक शाखा में संचालित है। वह भी अपनी चेक से पैसे निकाले बैंक पहुंचे थे। जहां पहले तो सर्वर की समस्या रही, बाद में उन्हें यह कहकर पैसे नहीं दिए गए कि आपके खाते में अभी तक आधार और पैन कार्ड लिंक नहीं है। उन्होंने हैरानी से इसका कारण पूछा तो बैंक का कोई भी कर्मचारी नहीं बता पाया। इस मामले में शिक्षक रमेशचंद्र नागर ने बताया कि इससे पहले भी अपना आधार व पेनकार्ड बैंक शाखा में जमा कर चुके हैं, परंतु उसे लिंक नहीं किया गया और न ही पैसे निकालने आने से पहले उन्हें बैंक द्वारा कोई जानकारी दी गई। उन्होंने बैंक शाखा प्रारुप लगाते हुए कहा कि अगर ऐसा कुछ था तो बैंक शाखा की और उन्हें जानकारी तो दे ही दी जानी चाहिए थी। उनका खाता करीब 14 वर्षों से संचालित था और वह वेतन खाता है। उन्होंने बैंक कर्मचारियों के भी ऊपर लापरवाही का आरोप लगाया।

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