मिशन इंद्रधनुष अभियान को सफल बनाने में सभी धर्मों के धर्मगुरु भी देंगे अपना सहयोग


तीन चरणों में चलेगा मिशन इंद्रधनुष अभियान

देव श्रीवास्तव डीएनएस न्यूज़ नेटवर्क
लखीमपुर खीरी। तीन चरणों में चलाए जाने वाले मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धर्मगुरुओं की एक बैठक एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में की गई। बैठक की अध्यक्षता सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने की। इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता व यूनिसेफ डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर डॉ मुकेश चौहान उपस्थित रहे।

इस दौरान सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने सभी से अपील करी कि सभी धर्मगुरु व सामाजिक लोग मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम के अंतर्गत जीरो से 2 वर्ष के बच्चे व गर्भवती महिलाएं जो किसी कारण या कोविड की वजह से टीकाकरण से वंचित रह गई है। सभी को ढूंढ कर उनका टीकाकरण करवाने में सहयोग करें। जिले में करीब 24 सौ बच्चे अभी तक ऐसे चयनित हुए हैं जिनका कोई ना कोई टीका छूट गया है। इसके लिए आशाओं द्वारा पहले से छूटे हुए लाभार्थियों का चयन किया जा चुका है। उन्होंने यह भी अपील की कि सभी धर्म गुरु अपने संस्थानों से लाउडस्पीकर, व अपील छपवाकर, वीडियो बनाकर या सोशल नेटवर्किंग साइट्स के जरिए इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में स्वास्थ विभाग का सहयोग करें। इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि समाज में धर्म गुरुओं का बेहद अधिक महत्व है, लोग उनकी बात आसानी से समझते हैं और मानते हैं। ऐसे में इस अभियान में धर्म गुरुओं का सहयोग मिलने से इसकी सफलता निश्चित है। साथ ही यह भी बताया कि मिशन इंद्रधनुष अभियान तीन चरणों में चलाया जाएगा, पहला चरण 7 मार्च से 1 हफ्ते तक चलेगा, उसके बाद दूसरा चरण 4 अप्रैल से और तीसरा चरण 2 मई से चलाया जाएगा। इस दौरान अपने विचार देते हुए इमाम मोहम्मद अशफाक कादरी मदीना मस्जिद में कहा कि अभियान से पहले स्वास्थ्य विभाग को डिजिटल संसाधनों से सभी को सूचित करना चाहिए उसके बाद यह देखना भी चाहिए कि उनके द्वारा किया गया अनुरोध धर्मगुरुओं द्वारा माना गया है और आपसी सामंजस्य भी बनाए इसके लिए दो-तीन महीनों में एक बार मुलाकात या बैठक जरूर हो। इस दौरान अन्य धर्म गुरुओं व समाजसेवियों ने ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

बैठक में मौलाना सदरूद्दीन कासमी, आचार्य भास्कर मिश्र, मौलाना सादान साजिद, अनीश खान, डॉ एजाज अहमद, सारीब खान, रामचंद्र, सोनू, शहीद, मोहम्मद अशफाक कादरी और मोहम्मद आरिफ खान सहित अन्य धर्मगुरु उपस्थित रहे।

5 साल में 7 बार लगता है टीका- डॉ. शैलेंद्र भटनागर

बैठक के दौरान सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने बताया कि जीरो से 2 वर्ष और गर्भवती महिलाओं को जो टीके लगाए जाते हैं वे 12 बीमारियों से बचाते हैं इसके लिए 10 टीके लगाए जाते हैं यह भी समझने की जरूरत है कि 5 साल में 7 बार टीकाकरण होता है। टूटे हुए व्यक्ति की पहचान करना बेहद आसान है उसे सिर्फ इतना पूछा जाना चाहिए कि उसने टीकाकरण कितनी बार कराया है इससे यह पता चल जाएगा कि वह छूटे हुए लाभार्थी में आता है या नहीं। साथ ही सर्वे व अन्य माध्यमों से भी ऐसे लोगों की पहचान लगातार की जा रही है। जिसमें धर्म गुरुओं की भी मदद ली गई है।

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