ग्रामीणों ने देखें बाघ के शावक जैसे बच्चे, फैली दहशत

ग्रामीणों ने देखें बाघ के शावक जैसे बच्चे, फैली दहशत

देवनंदन श्रीवास्तव
लखीमपुर खीरी। थाना निघासन के लखहा गांव में गन्ने के खेत में बाघिन के बच्चे होने की सूचना रविवार को वन विभाग के अधिकारियों तक पहुंची। आनन-फानन में वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे जांच की तो पता चला इन जानवरों के बच्चों की हकीकत सामने आई।

बाघ और बाघिन के हमलों के कारण कई लोग अपनी जान गवा चुके हैं ऐसे में ग्रामीणों में खासी दहशत है और उसी क्षेत्र में गन्ने के खेत में बाघ के बच्चों जैसे दिखने वाले बच्चे ग्रामीण में देखें। इसके बाद क्षेत्र में बाघिन होने की दहशत फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और इन बच्चों की जांच की।

मामले में दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी संजय पाठक ने बताया कि आतंक का पर्याय बनी बाघ और बाघिन को वन विभाग द्वारा पकड़ लिया गया है एक को कर्तनिया घाट और दूसरे को लखनऊ चिड़ियाघर भेजा गया है। फिलहाल उस क्षेत्र में अब बाघ और बाघिन की कोई सूचना नहीं है। जिन बच्चों को आज निघासन के लखहा गांव के गन्ने के खेत में ग्रामीणों ने देखा है। वह बच्चे बाघिन के नहीं फिशिंग कैट के हैं हालांकि ग्रामीणों को कई बार वन विभाग द्वारा हिदायत दी गई है कि किसी भी जानवर के बच्चों को देखकर उनके पास ना जाए, उन्हें छुए नहीं, परंतु लोग अभी भी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं, फोटो खींचते हैं, वीडियो बनाते हैं। ऐसे में जानवर के हमले का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से सावधान और सचेत रहते हुए वन विभाग के निर्देशों को मानने की अपील की है।

टिप्पणियाँ