संविदा/ठेका सफाई कर्मचारियों के नियमितिकरण के लिए चन्दन लाल ने नगर विकास मंत्री से की वार्ता

संविदा/ठेका सफाई कर्मचारियों के नियमितिकरण के लिए चन्दन लाल ने नगर विकास मंत्री से की वार्ता 

देवनन्दन श्रीवास्तव 
लखीमपुर-खीरी। नगर विकास विभाग मंत्री उप्र एके शर्मा को 51पेज का ज्ञापन चंदन लाल वाल्मीकि राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष वंचित शोषित सामाजिक संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ ने सौप।श
 सुप्रीम कोर्ट के दिनांक 12 मार्च, 2024 को पारित आदेश में सफाई के काम को बारमासी और नियमित प्रकृति का माना है। इस आदेश में बारमसी काम में ठेका प्रथा और संविदा के रुप में किसी कर्मचारी को नहीं रखा जा सकता। जो भी संविदा कर्मचारी/आउटसोर्स कर्मचारी दस वर्ष से अधिक नगर निगम, नगर पालिका परिषद तथा नगर पंचायतों में अपनी सेवा दे चुके हैं उन्हें सरकारें नियमित करें।
परिसंघ के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चन्दन लाल वाल्मीकि ने अपने पत्र में 2006 में नियुक्त सभी संविदा सफाई कर्मचारियों को नियमितीकरण के पक्ष में उमादेवी केस, कार्मिक विभाग की गाइड लाइन, चंद्र मोहन नेगी केस  आदि जजमेंट की प्रतियां सौंपी।
विशेष बात यह रही कि नगर विकास मंत्री ए.के.शर्मा ने बड़े ही गंभीरता से सभी जजमेंट को स्वयं पढ़ा और प्रमुख सचिव नगर विकास उत्तर प्रदेश को 18 वर्षो से नियमितिकरण की आस लगाने वाले संविदा सफाई को नियमितीकरण से संबंधित समुचित कार्यवाही के लिए भेजने को आश्वक्त किया। श्री दिनेश चंद्रा सेवानिवृत विशेष सचिव सचिवालय उत्तर प्रदेश ने ठेका कर्मचारी बच्चू सिंह की व्यथा को भी मंत्री जी के सम्मुख रहा, बच्चू सिंह के संबंध में बच्चू सिंह के पुनर्वासन की गंभीरता से बात कही।
ज्ञातव्य रहे कि 18वर्ष पूर्व मुलायम सिंह यादव की सरकार ने 2006में स्थानीय निकाय में संविदा की भर्ती की तब से अब तक कई सरकारें आईं लेकीन किसी ने संविदा को नियमित नहीं किया। अब देखते हैं चन्दन लाल वाल्मीकि की दलीलों पर योगी आदित्यनाथ की सरकार क्या फ़ैसला लेती है।


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