लखीमपुर के लाल का कमाल: डेफ शूटर प्रणव तिवारी ने नेशनल चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, कलेक्ट्रेट में मिला सम्मान

लखीमपुर के लाल का कमाल: डेफ शूटर प्रणव तिवारी ने नेशनल चैंपियनशिप में जीता गोल्ड, कलेक्ट्रेट में मिला सम्मान

देवनन्दन श्रीवास्तव 
​लखीमपुर खीरी। शारीरिक बाधाओं को अपने हौसले से मात देकर लखीमपुर खीरी के होनहार डेफ (श्रवण बाधित) शूटर प्रणव तिवारी ने राष्ट्रीय स्तर पर जनपद का गौरव बढ़ाया है। भोपाल में आयोजित 24वीं कुमार सुरेंद्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप की 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर लौटे प्रणव तिवारी का आज कलेक्ट्रेट परिसर में जिला प्रशासन और राइफल एसोसिएशन द्वारा भव्य स्वागत व सम्मान किया गया।

​विजेता खिलाड़ी के जनपद आगमन पर जिला राइफल एसोसिएशन खीरी के अध्यक्ष/जिला मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार सिंह, सचिव/अपर जिला मजिस्ट्रेट नरेंद्र बहादुर सिंह और संयुक्त सचिव जी.एस. सिंह द्वारा आज कलेक्ट्रेट परिसर में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने प्रणव तिवारी को पुष्पगुच्छ (बुके) भेंट किया और मिठाई खिलाकर उनकी इस ऐतिहासिक सफलता की सराहना की।
​प्रणव तिवारी ने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित 24वीं कुमार सुरेंद्र सिंह मेमोरियल शूटिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। 02 मई से 15 मई 2026 तक चली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के 10 मीटर एयर राइफल डेफ मेन (Deaf Men) इवेंट में प्रणव ने अपनी सटीक निशानेबाजी का लोहा मनवाते हुए देश भर के खिलाड़ियों को पीछे छोड़ और गोल्ड मेडल पर कब्जा किया।

​जन्मजात बाधा भी नहीं बन सकी सफलता में रोड़ा

​प्रणव तिवारी जन्म से ही श्रवण बाधित (सुनने में अक्षम) हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी इस कमी को अपने सपनों के आगे आने नहीं दिया। बिना विचलित हुए, कड़े अभ्यास के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर यह मुकाम हासिल किया है। अधिकारियों ने कहा कि जन्म से श्रवण बाधित होते हुए भी उनकी यह अद्वितीय उपलब्धि पूरे समाज और खेल जगत के लिए बेहद सराहनीय व प्रेरणादायक है।
​सम्मान के दौरान जिला राइफल एसोसिएशन खीरी के पदाधिकारियों ने प्रणव के बेमिसाल अनुशासन, खेल के प्रति समर्पण और उनकी अद्भुत खेल भावना की जमकर तारीफ की। एसोसिएशन द्वारा प्रणव के देश-विदेश में और आगे बढ़ने, उनके उज्ज्वल भविष्य तथा खेल के मैदान पर निरंतर सफलता की मंगलकामना की गई।

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